दुनिया का कोई इंसान हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद क्यों नहीं बना इस में क्या हिक्मत है*01

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

*🧮 पोस्ट 044▪️*

*📝 सवाल-;*
*📇 दुनिया का कोई इंसान हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद क्यों नहीं बना इस में क्या हिक्मत है*


*✍️ जवाब-;*
*📇 इसमें बहुत सी हिक्मतें हैं अव्वल तो यह कि कल कोई इंसान यह न कह सके कि पैग़म्बर तो मेरा पढ़ाया हुआ शागिर्द है दूसरी वजह यह है कि कोई शख़्स कभी यह ख्याल न कर सके कि फलां आदमी हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद था तो शायद वह हुज़ूर से ज़्यादा इल्म वाला होगा तीसरी वजह यह कि हुज़ूर के बारे में कोई ये न सोचे कि चूंकि आप पढ़े लिखे आदमी थे इसलिए उन्होंने खुद ही क़ुरआन की आयतों को अपनी त़रफ़ से बनाकर पेश किया है और क़ुरआन इन्हीं का बनाया हुआ कलाम है चौथी वजह यह कि जब हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम सारी दुनिया को इल्म व हिक्मत की ता'लीम दें तो कोई यह न कह सके कि पहली और पुरानी किताबों को पढ़कर इस किस़्म की अनमोल और इंक़लाब आफरीं ता'लीमात दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं पांचवीं वजह उम्मी होने की यह कि अगर हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का कोई उस्ताद होता तो आपको उसकी ताज़ीम करनी पड़ती हालांकि हुज़ूर को ख़ालिक़े क़ायनात ने इसलिए पैदा फरमाया था कि सारा आलम आपकी ताज़ीम करे अल्लाह को गवारा न हुआ कि मेरा महबूब किसी की ताज़ीम करे किसी का शागिर्द बने और कोई इंसान महबूब का उस्ताद हो मुख़्तसर यह कि हुज़ूर का उम्मी होना किसी इंसान से ता'लीम न लेना एक अज़ीमुश्शान मोजिज़ा है कि दुनिया में किसी ने भी आपको इल्म नहीं पढ़ाया मगर खुदा ने आपको इस कद़र इल्म अ़ता फ़रमाया कि आपका सीना तमाम उलूम व मारिफ़ का ख़ज़ीना बन गया*
*📚 हम से पूछिए सफा 36 + 37*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फ़कीर रज़वी क़ादरी हनफ़ी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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