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दिसंबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चारों खलीफाओं में से किन किन के बाप ईमान लाये*10

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 062▪️* *📝 सवाल-;* *📇     चारों खलीफाओं में से किन किन के बाप ईमान लाये* *✍️जवाब -:* *📇   सिर्फ हज़रते अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के वालिद अबू क़हाफा ही ईमान लाए बाकी तीनों खलीफा यानि हज़रते उमर फारूक़े आज़म रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के वालिद खत्ताब वह हज़रते उसमाने ग़नी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के वालिद अफ्फान और मौला अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के वालिद अबू तालिब ऐ तीनों ही ईमान नहीं लाए* *📚 फ़तावा अफरीक़ा सफ़ह 54* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))* 🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼 *👏🏁 गदा ए फ़कीर रज़वी क़ादरी हनफ़ी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر* https://chat.whatsapp.com/CoTrYIar9XdB3OW6o2jeiX

मुर्दे को सुरमा लगाना शरई नुक़्ते नज़र से कैसा है*

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 054▪️* *📝 सवाल-;* *📇     मुर्दे को सुरमा लगाना शरई नुक़्ते नज़र से कैसा है* *✍️ जवाब-;* *📇     सूरते मज़कूरा में शरई नुक़्ते नज़र से मुर्दा की आंखों में सुरमा लगाना किसी भी तरह दुरुस्त व सही नहीं इस लिए कि सुरमा आंखों की ताक़त व क़ुव्वत और बिनाई के लिए लगाया जाता है और मरने के बाद मुर्दे की आंखों में सुरमा लगाना बे मक़्सद व बे फ़ायदा है लिहाज़ा यह इसराफ व इज़ाअत (बर्बाद करना) माल है जोकि ना जाइज़ है इरशादे बारी तआ़ला है {बेशक उड़ाने वाले शत़ानों के भाई है}* *📚 फतावा फख़रे अज़हर जिल्द अव्वल सफा 346, 347* *👉 नोट; जिस तरह इंसान अपना ग़ुस्ल खुद करता है तो उसी तरह उसे ये भी सीखना चाहिए कि मुर्दे को ग़ुस्ल किस तरह दिया जाता है और अफ़ज़ल यही है कि मुर्दे को उसका कोई क़रीबी शख्स ग़ुस्ल दे ग़ुस्ल देते वक़्त और कफन पहनाते वक़्त काफी एहतियात की ज़रूरत होती है मगर इतना मुश्किल भी नही ...

काफ़िर और मुशरिक को हमेशा जहन्नम में रखना ज़ुल्म है सज़ा जुर्म के मुताबिक़ होनी चाहिये न कि हमेशा ये बोलना कैसा है*

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 055▪️* *📝 सवाल-;* *📇     काफ़िर और मुशरिक को हमेशा जहन्नम में रखना ज़ुल्म है सज़ा जुर्म के मुताबिक़ होनी चाहिये न कि हमेशा ये बोलना कैसा है* *✍️ जवाब-;* *📇     क़ानून से ज़्यादा सज़ा देना वाक़ई ज़ुल्म है और क़ानूनी सज़ाएं इंसाफ़, रब का क़ानून यह है कि हुकूमते इलाहिया के बागी यानी काफ़िर व मुशरिक की सज़ा हमेशा जहन्नम है, लिहाज़ा यह हमेशगी ज़ुल्म नहीं, चोर आधे घंटे में चोरी करता है और दो चार दिन में चोरी का माल खा पी लेता है, मगर इसको सात या दस साल की जेल होती है, डाकू को उम्र क़ैद होती है, वहां कोई नहीं कहता कि उसने एक घंटे में ज़ुर्म किया उसको एक ही घंटे जेल में रखो बल्कि क़ानून ने चूंकि उसकी सज़ा यही रखी है लिहाज़ा यह ऐन (असल) इंसाफ है, ज़ुल्म नहीं है, हां जो हाकिम क़ानून से ज़्यादा सज़ा दे वह ज़ुल्म है, दूसरे यह कि काफ़िर ने अल्लाह की बे इंतेहा ने'मतें खाकर बे इंतेहा बग़ावत व नाफ़रम...

अगर माँ या बाप का इंतिक़ाल हो जाये तो उनकी लाश की क़दम बोसी कर सकते हैं या नहीं*

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 053▪️* *📝 सवाल-;* *📇     अगर माँ या बाप का इंतिक़ाल हो जाये तो उनकी लाश की क़दम बोसी कर सकते हैं या नहीं* *✍️ जवाब :-*  *📇     बिलकुल कर सकते हैं खुद हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हज़रते उसमान बिन मातून रज़ियल्लाहु तआला अन्हु की लाश मुबारक को बोसा दिया इस लिहाज़ से अगर औलाद अपने वालिदैन की क़बर की भी क़दम बोसी करेगा तो जायज़ होगा* *📚 जाअल हक़ जिल्द,1 सफह 351* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))* 🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼 *👏🏁 गदा ए फ़कीर रज़वी क़ादरी हनफ़ी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر* https://chat.whatsapp.com/CoTrYIar9XdB3OW6o2jeiX

मोबाइल फोन पाक करने का तरीक़ा क्या है* 6

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 052▪️* *📝 सवाल-;* *📇     मोबाइल फोन पाक करने का तरीक़ा क्या है*      *✍️ जवाब-;* *📇    मोबाइल फोन या इस तरह की और चीज़ टॉयलेट या किसी और नजासत में गिर जाए कि उसको पानी वगैरा से धोने में खराब होने का अंदेशा हो तो उसको पाक करने का तरीका यह है कि किसी मैकेनिक के ज़रिए थिनर वगैरा बहा कर अच्छी तरह से धो लिया जाए इस तरह धोने से मोबाईल फोन वगैरा पाक हो जाएगा जैसा कि नूरुल इज़ाह में है हर वह चीज़ जिसके अन्दर बहने की सलाहियत हो उस से नजासत दूर की का सकती है*  *📚 नूरुल ईज़ाह ,सफ़हा 62* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))* 🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼🖼 *👏🏁 गदा ए फ़कीर रज़वी क़ादरी हनफ़ी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر* ht...

अपने भाई से दो या तीन दिन तक बात नहीं करना कैसा है* 5

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 049▪️* *📝 सवाल-;* *📇     अपने भाई से दो या तीन दिन तक बात नहीं करना कैसा है*      *✍️ जवाब-;* *📇     हदीस पाक (1) सही मुस्लिम व बुखारी में अबू अयूब अंसारी रज़ि अल्लाहु ताला अंह से मरवी की रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलेहे वसल्लम ने फरमाया आदमी के लिए यह हलाल नहीं कि अपने भाई को 3 दिन से ज्यादा छोड़ रखें. कि दोनों मिलते हैं एक इधर से मुंह फेर लेता है और दूसरा उधर मुंह फेर लेता है और उन दोनों में बेहतर वह है जो पहले सलाम करे* *हदीस पाक (2) अबू दाउद ने हजरत आइशा रज़ि अल्लाहु अंहा से रिवायत की रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलेही है वसल्लम ने फरमाया कि मुस्लिम के लिए यह नहीं कि दूसरे मुस्लिम को 3 दिन से ज्यादा छोड़ रखें. जब उससे मुलाकात हो तो 3 मर्तबा सलाम कर ले. अगर उस ने जवाब नहीं दिया तो उसका गुनाह भी उसी के जिम्मा है* *हदीस पाक (3) अबू दाऊद ने अबू होरैरा रज़ि अल्लाहु ताला...

विरासत में किसके हिस्से में कितनी जायदाद आएगी यह बताया जा रहा था कि उस वक़्त लड़की ने कहा कि मै अपना हिस्सा मुआफ करती हूं और लिख कर भी दे दिया और दो गवाह के सामने मुआफ़ भी कर दिया तो लड़की की मिल्कियत रहेगी या नहीं

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 047▪️* *📝 सवाल-;* *📇     विरासत में किसके हिस्से में कितनी जायदाद आएगी यह बताया जा रहा था कि उस वक़्त लड़की ने कहा कि मै अपना हिस्सा मुआफ करती हूं और लिख कर भी दे दिया और दो गवाह के सामने मुआफ़ भी कर दिया तो लड़की की मिल्कियत रहेगी या नहीं* *✍️ जवाब-;* *📇     ज़बानी या तहरीरी तौर पर लड़की अगर तरका (विरासत का माल) लेने से इनकार कर दे फिर भी उसकी मिल्कियत ज़ाईल नही होगी आला हज़रत इमामे अहले सुन्नत अलैहिर्रहमा फरमाते है कि अगर वारिस सराहतन कह दे की मैने अपना हिस्सा छोड़ दिया जब भी उसकी मिल्क जाईल नही होगी।* *हां अगर उसे लेना मंज़ूर नहीं तो यूं करे की पहले ले ले फिर अपने भाई बहन जिसे चाहे मुकम्मल हिबा कर दे* *हिदायत :- एक लड़की अपना हिस्सा तभी माफ कर सकती है जब वो अपने हिस्से को ले कर अपने कब्ज़े में कर लेगी अभी तो उसने अपने जेब मे अपनी जायदाद रखी ही नही, तो बिना लिए बिना अपनी म...

जब हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम दुबारा दुनिया में आएंगे तो नबी होंगे या नहीं जब नबी होंगे तो हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम खतिमुन्नबीईन न रहे और अगर नुबूवत से मज़ूल होकर आएंगे तो यह उनकी शान के ख़िलाफ़ है रब किसी को नुबूवत से माज़ूल (जुदा) नहीं किया करता*

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 048▪️* *📝 सवाल-;* *📇     जब हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम दुबारा दुनिया में आएंगे तो नबी होंगे या नहीं जब नबी होंगे तो हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम खतिमुन्नबीईन न रहे और अगर नुबूवत से मज़ूल होकर आएंगे तो यह उनकी शान के ख़िलाफ़ है रब किसी को नुबूवत से माज़ूल (जुदा) नहीं किया करता* *✍️ जवाब-;* *📇     हज़रत ईसा अ़लैहिस्सलाम हमारे हुज़ूर की उम्मती बन कर आयेंगे मगर दर्ज़े के लिहाज़ से नबी होंगे जैसे कि कचहरी या अदालत का जज दूसरे शहर के अदालत में गवाह बनकर पेश हो तो वह अपनी जगह पर जज है मगर यहां उस वक़्त गवाह की हैसियत से है ख़ातिमुन्नबीईन के मायने यह हैं कि आपके बाद किसी को नुबूवत न मिले ईसा अ़लैहिस्सलाम पहले के नबीं है आख़िरी बेटा वह जिसके बाद कोई बेटा पैदा न हो इसलिए हमारे हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम आख़िरी नबीं हैं ख़त्में नुबूवत का मुंकिर काफ़िर है* *📚 हम से पूछिए सफा 35* ______...

दुनिया का कोई इंसान हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद क्यों नहीं बना इस में क्या हिक्मत है*01

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 044▪️* *📝 सवाल-;* *📇 दुनिया का कोई इंसान हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद क्यों नहीं बना इस में क्या हिक्मत है* *✍️ जवाब-;* *📇 इसमें बहुत सी हिक्मतें हैं अव्वल तो यह कि कल कोई इंसान यह न कह सके कि पैग़म्बर तो मेरा पढ़ाया हुआ शागिर्द है दूसरी वजह यह है कि कोई शख़्स कभी यह ख्याल न कर सके कि फलां आदमी हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद था तो शायद वह हुज़ूर से ज़्यादा इल्म वाला होगा तीसरी वजह यह कि हुज़ूर के बारे में कोई ये न सोचे कि चूंकि आप पढ़े लिखे आदमी थे इसलिए उन्होंने खुद ही क़ुरआन की आयतों को अपनी त़रफ़ से बनाकर पेश किया है और क़ुरआन इन्हीं का बनाया हुआ कलाम है चौथी वजह यह कि जब हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम सारी दुनिया को इल्म व हिक्मत की ता'लीम दें तो कोई यह न कह सके कि पहली और पुरानी किताबों को पढ़कर इस किस़्म की अनमोल और इंक़लाब आफरीं ता'लीमात दुनिया के सामने...

सुफिय-ए किराम, और दुआ़ मांगने वाले दुआओं के अव्वल (शुरू) में अल्लाहुम्मा क्यों लगाते है अल्लाह के साथ मीम कैसी और अगर कहा जाए कि ये लफ़्ज़ असल में या अल्लाह था या के बदले में लगाई है तो बजाए मीन के और कोई हर्फ क्यों न लगाया (यानी मीम ही क्यों)*01

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 046▪️* *📝 सवाल-;* *📇     सुफिय-ए किराम, और दुआ़ मांगने वाले दुआओं के अव्वल (शुरू) में अल्लाहुम्मा क्यों लगाते है अल्लाह के साथ मीम कैसी और अगर कहा जाए कि ये लफ़्ज़ असल में या अल्लाह था या के बदले में लगाई है तो बजाए मीन के और कोई हर्फ क्यों न लगाया (यानी मीम ही क्यों)* *✍️ जवाब-;* *📇     इस लिए कि मीम रब के बीस नामों में आती है जैसे मोमिन, मुहैमिन, मालिक, मुक़्तदिर, करीम, रहमान, रहीम, वगैरा लिहाज़ा जो कोई अल्लाह से साथ लफ़्ज़ मीम लगा कर पुकारे तो गोया उसने रब को बीस नामों से याद किया और हर नाम के असरात मुख़्तलिफ़ हैं लिहाज़ा तमाम असरात हासिल हुए और हुज़ूर सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैहि वसल्लम के नाम मुबारक में भी मीम आती है जैसे मुहम्मद, अहमद, मुस्तफ़ा, मुज़तबा, वग़ैरा, लिहाज़ा अल्लाह में अल्लाह का नाम और मुहम्मद की मीम आ गई गोया दुआ़ में हुज़ूर सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैहि वसल्लम का वसी...