मुर्दे को सुरमा लगाना शरई नुक़्ते नज़र से कैसा है*
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
*🧮 पोस्ट 054▪️*
*📝 सवाल-;*
*📇 मुर्दे को सुरमा लगाना शरई नुक़्ते नज़र से कैसा है*
*✍️ जवाब-;*
*📇 सूरते मज़कूरा में शरई नुक़्ते नज़र से मुर्दा की आंखों में सुरमा लगाना किसी भी तरह दुरुस्त व सही नहीं इस लिए कि सुरमा आंखों की ताक़त व क़ुव्वत और बिनाई के लिए लगाया जाता है और मरने के बाद मुर्दे की आंखों में सुरमा लगाना बे मक़्सद व बे फ़ायदा है लिहाज़ा यह इसराफ व इज़ाअत (बर्बाद करना) माल है जोकि ना जाइज़ है इरशादे बारी तआ़ला है {बेशक उड़ाने वाले शत़ानों के भाई है}*
*📚 फतावा फख़रे अज़हर जिल्द अव्वल सफा 346, 347*
*👉 नोट; जिस तरह इंसान अपना ग़ुस्ल खुद करता है तो उसी तरह उसे ये भी सीखना चाहिए कि मुर्दे को ग़ुस्ल किस तरह दिया जाता है और अफ़ज़ल यही है कि मुर्दे को उसका कोई क़रीबी शख्स ग़ुस्ल दे ग़ुस्ल देते वक़्त और कफन पहनाते वक़्त काफी एहतियात की ज़रूरत होती है मगर इतना मुश्किल भी नही है कि इंसान ग़ुस्ल ही न दे सके ग़ुस्ल देना और फिर कफन पहनाना ये सब तरीक़ा हमे सीखना चाहिए अगर हर चीज़ गस्साल के ऊपर छोड़ देंगे तो वो अपने हिसाब से करेगा और अगर आप पढ़ोगे तो आप टोक सकते हो कि ये शरीअ़त में गलत है और अगर सीखोगे नहीं पढोगे नहीं तो जैसा चलता हुआ आ रहा है वैसी चलते रहेगा, याद रखे मय्यत को ग़ुस्ल देना फ़र्ज़े किफ़ाया है यानी अगर किसी ने दिया तो सब इस फर्ज़ से साक़ित हो गए और किसी ने नहीं दिया तो सब तर्के फ़र्ज़ के गुनाहगार होंगे*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फ़कीर रज़वी क़ादरी हनफ़ी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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